- छात्र-नेतृत्व वाली समितियाँ: स्नातक छात्रों को विभिन्न छात्र-नेतृत्व वाले क्लब और समितियों से जुड़ने का अवसर मिलता है। ये समितियाँ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का संचालन करती हैं, संस्थान में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सहयोग देती हैं और अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिताओं में भाग लेती हैं। स्नातक छात्रों की विभिन्न समितियाँ इस प्रकार हैं:
- जिज्ञासा (शैक्षणिक समिति): गतिविधियाँ – चिकित्सा प्रश्नोत्तरी, शब्द प्रतियोगिता
- आर्टेमिस (ललित कला समिति): गतिविधियाँ – कला प्रदर्शनी, पोस्टर निर्माण, कुल्हड़ कला, टी-शर्ट पेंटिंग
- आदिनृत्य (नृत्य समिति): गतिविधियाँ – एकल, युगल और समूह नृत्य (पश्चिमी तथा शास्त्रीय/लोक) आंतरिक और अंतर-महाविद्यालय स्तर पर
- रिवायत (नाटक समिति): गतिविधियाँ – नुक्कड़ नाटक, मंच नाटक, एकल अभिनय
- फ्यूज़न (फैशन समिति): गतिविधियाँ – उत्सवों में फैशन शो, ऑनलाइन फैशन कार्यक्रम जैसे बॉलीवुड पात्रों का पुनर्निर्माण, हैलोवीन नाइट, नवागंतुक फैशन कार्यक्रम
- अलंकार (साहित्यिक समिति): गतिविधियाँ – वाद-विवाद, कविता प्रतियोगिता, लेखन प्रतियोगिता, खेल प्रश्नोत्तरी, बॉलीवुड प्रश्नोत्तरी
- खेल समिति: गतिविधियाँ – सभी इनडोर और आउटडोर खेल
- ग्लिसैंडो (संगीत समिति): गतिविधियाँ – गायन और वाद्य संगीत
- प्रविधि (सूचना प्रौद्योगिकी समिति)
स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र हर वर्ष निम्नलिखित त्योहारों का बड़े उत्साह और जोश के साथ आयोजन करते हैं और उनमें भाग लेते हैं:
- सरस्वती पूजा
- गणेश चतुर्थी
- होली
- दीवाली नाइट
- रेवेल्स – अंतर-महाविद्यालय उत्सव
- सामुदायिक सहभागिता: महाविद्यालय में ऐसे कार्यक्रम भी होते हैं जिनमें छात्र सामुदायिक सेवा में भाग लेते हैं, जैसे स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता कार्यक्रम और ग्रामीण स्वास्थ्य अभियान, जिससे सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।